नगर पंचायत सिकन्दरपुर में विकास कार्यो में धांधली की जांच से बढ़ी हलचल, क्या होगा अंजाम

बलिया। नगर पंचायत सिकन्दरपुर में विकास कार्यो की जांच शुरु होते ही हड़कम्प मच गया है। जांच का अंजाम चाहे जो भी हो, पर शिकायतकर्ताओं को उम्मीद है कि अब धांधली से पर्दा उठेगा। वही, राजनीतिक गलियारे में भी इस जांच से हलचल है।


ये है पूरा मामला


नगर पंचायत सिकंदरपुर में नगरीय विकास अभिकरण डूडा बलिया द्वारा कराए गए विकास कार्यों में धांधली की शिकायत नगर के सभासद प्रतिनिधि ने कमिश्नर से शपथ पत्र देकर किया था। कमिश्नर के निर्देश पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/उपजिलाधिकारी सिकन्दरपुर अन्नपूर्णा गर्ग ने शुक्रवार को नगर पंचायत अध्यक्ष रविंद्र वर्मा व अधिशासी अधिकारी संजय राव के साथ सभासदों की बैठक बुलाई।


बैठक में पहुंचे सभासदों से विकास कार्यों के बारे में एक-एक कर जानकारी ली। इस दौरान उप जिलाधिकारी ने नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी से प्रस्ताव रजिस्टर मांगा। इस पर सभासदों द्वारा एक स्वर से 2 वर्ष का कार्यकाल बीतने के बाद भी प्रस्ताव रजिस्टर नहीं होने व दस्खत नहीं करने की बात कही। सभासदों द्वारा कई वार्डों में जिला नगरी अभिकरण डूडा द्वारा कराए गए कार्यों में बड़े पैमाने पर धांधली करने की भी शिकायत की गई। इस पर उप जिलाधिकारी वार्डों में हुए कार्यो का निरीक्षण करने मौके पर पहुंच गई, जहां 2 माह पहले बनी सड़क खराब हो गई थी। इस पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जाहिर किया। वही ई टेंडरिंग के नाम पर खानापूर्ति और एक ही फर्म को 90% कार्य आवंटित करने को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने नगर पंचायत में हुए विकास कार्यों से संबंधित फाइलों को तलब कर अपने साथ लेकर चली गई। इसको लेकर नगर पंचायत कर्मचारियों व ठेकेदारों में हड़कंप मचा हुआ है।


वहीं सूत्रों की माने तो नगर पंचायत में विकास कार्यों में हुए धांधली को लेकर कई बार लोगों द्वारा शिकायत किया जा चुका है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होने के कारण लोग शिकायत करना बंद कर दिए थे। शुक्रवार को ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/उपजिलाधिकारी सिकन्दरपुर अन्नपूर्णा गर्ग द्वारा किए गए जांच के बाद कार्रवाई तो तय मानी जा रही है।