निजी स्कूल नहीं देंगे आर.टी.ई. के तहत दाखिला-इन्डिपेंडेन्ट स्कूल फेडरेशन आफ इंडिया

लखनऊ 13 मार्च। उत्तर प्रदेश के सभी निजी स्कूल शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत वर्तमान शैक्षणिक सत्र 2020-2021 में आर.टी.ई. में प्रवेश तभी देंगे जब सरकार शिक्षा के अधिकार अधिनियम की धारा 12 (2) एवं सुप्रीम कोर्ट के आदेश दिनाँक 12/4/2012 के अनुसार पिछले 7 वर्षों की बकाया धनराशि स्कूलों को पहले देगी। यह जानकारी इन्डिपेंडेन्ट स्कूल फेडरेशन आफ इंडिया के राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष डाॅ. मधुसूदन दीक्षित ने दी।


                शिक्षा के अधिकार अधिनियम की धारा 12(2) में वर्णित है कि सरकारी स्कूलों में प्रति-छात्र व्यय एवं निजी स्कूल की फीस में से जो भी धनराशि कम होगी, उस धनराशि की प्रतिपूर्ति निजी स्कूलों को शासन द्वारा की जायेगी। उत्तर प्रदेश की शिक्षा अधिकार नियमावली 2011 के नियम 8(2) में सरकारी स्कूलों में प्रति-छात्र खर्च की गणना हर साल 30 सितम्बर को करना आवश्यक है। तथा जिसे सरकारी गजट के माध्यम से प्रतिवर्ष 30 सितम्बर को प्रकाशित करना अनिवार्य है। लेकिन सरकार ने पिछले सात वर्षों में से किसी भी वर्ष में यह घोषित नहीं किया है कि सरकारी स्कूलों में शासन द्वारा प्रति छात्र पर प्रतिमाह कितना व्यय किया जा रहा है।


                श्री दीक्षित ने कहा कि बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारी मौखिक रूप से पिछले 7 वर्षों से आश्वासन देते आ रहें हैं कि अगले वर्ष में निजी स्कूलों को पूरी बकाया धनराशि अधिनियम की धारा 12(2) के अनुसार दे दी जायेगी। किन्तु हर वर्ष निजी स्कूलों को अश्वासन ही मिलता रहा है वरन् प्रतिपूर्ती की बकाया धनराशि कभी भी नहीं मिली।श्री दीक्षित ने कहा कि इसलिए हमारी सरकार से यह मांग है कि शिक्षा के अधिकार अधिनियम की धारा 12(2) का पालन करते हुए सरकार पहले शैक्षिक सत्र 2013-2014, 2014-2015, 2015-2016, 2016-2017 2017-2018, 2018-2019 तथा 2019-2020 में अपने सरकारी स्कूलों में प्रति छात्र खर्च की गई धनराशि को सरकारी गजट के माध्यम से प्रकाशित करें। सरकारी स्कूलों में प्रति छात्र खर्च तथा निजी स्कूलों की फीस में से जो भी धनराशि कम हो, उसके अनुसार सरकार 2013-2014 से लेकर 2019-2020 तक की सभी बकाया फीस प्रतिपूर्ति धनराशि का भुगतान करने के संबंध में शासनादेश जारी करें, तभी उत्तर प्रदेश के निजी स्कूल वर्तमान शैक्षिक सत्र 2020-2021 में आर.टी.ई. एक्ट के अन्तर्गत कोई दाखिला लेंगे।


(डाॅ. मधुसूदन दीक्षित) एडवोकेट


प्रदेश अध्यक्ष