बाबा साहब डॉक्टर भीम राव अम्बेडकर को श्रद्धासुमन

 


बाबा संवेदना,भावना और एहसास हैं।
बाबा बहुजनों के जीवन में खुश्बू का वास है।।
शोणितों के लिए एक खुशनुमा पलना हैं।
प्यासे गरीब के लिए एक मीठा सा झरना हैं।।
झुलसते हुए दिनों में कोयल की बोली हैं।
दलितों की दीवाली और शोषितों की होली हैं।।
बाबा तपस्या,साधना और जीवन का हवन हैं।
लाचारों के जीवन में आत्मा का भवन हैं।।
भूखों के मुंह की रोटी और हाथ का छाता हैं।
जिंदगी की कड़वाहट में अमृत का प्याला हैं।।
मानवता के पोषक और इंसानियत की धुरी हैं।
बाबा के बिना संविधान की कल्पना अधूरी है।।
बाबा का महत्व दुनिया मे कम हो नही सकता।
वंचितों का ऐसा मसीहा कोई हो नही सकता।।
कविता की ये पंक्तियां बाबा के नाम करता हूँ।
शीश झुकाकर मैं बाबा साहब को प्रणाम करता हूँ।।
 


    
 रामप्रवेश प्रसाद
 ज्वाइन्ट कमिश्नर
 एस०जी०एस०टी० गाजियाबाद