स्ववित्तपोषित महाविद्यालय शिक्षक एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने की वेतन की अपील


सलेमपुर, देवरिया। स्ववित्तपोषित वित्तविहीन महाविद्यालय शिक्षक एसोसिएसन के प्रवक्ता डॉ. चतुरानन ओझा ने कहा कि आज लंबे समय से चल रहे  लाकडाउन की स्थिति ने स्ववित्तपोषित शिक्षकों को बहुत ही दयनीय स्थिति में पहुंचा दिया है। उच्च शिक्षा निदेशक प्रयागराज ने इनकी खराब स्थिति का संज्ञान लेते हुए एवं स्ववित्तपोषित महाविद्यालयों के प्रबंधकों द्वारा अपने शिक्षकों के वेतन भुगतान कम करने या बिल्कुल नहीं करने की प्रवृत्ति को देखते हुए  समस्त क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारियों को दिनांक 30/03/2020 को स्ववित्तपोषित महाविद्यालय में कार्यरत शिक्षक शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के वेतन भुगतान किए जाने के संबंध में एक आदेश निर्गत किया कि अपने क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले समस्त स्ववित्तपोषित महाविद्यालयों के प्रबंधकों से लाकडाउन में समस्त शिक्षक/शिक्षणेत्तर का माह फरवरी और मार्च 2020 का वेतन भुगतान कराया जाना सुनिश्चित करें।  किंतु इस संदर्भ में अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है। अधिकांश स्ववित्तपोषित महाविद्यालयों ने अपने शिक्षकों को कोई भुगतान नहीं किया है


स्ववित्तपोषित वित्तविहीन महाविद्यालय शिक्षक एसोसिएशन महामंत्री डॉ. दिलीप कुमार मिश्र ने प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि गोरखपुर विश्वविद्यालय में अभी तक स्ववित्तपोषित शिक्षकों की कोई ऑनलाइन सूची तक नही जारी की गई है और न ही वेतन भुगतान संबंधी शासनादेशों का अनुपालन ही कराया गया है। जिन महाविद्यालयों से अब तक शिक्षकों के वेतनमान भुगतान का कोई प्रमाण लेने में शासन असमर्थ रहा है उनको भी  फरवरी-मार्च का भुगतान करने का आदेश दिया गया है।


संगठन के प्रवक्ता डॉ चतुरानन ओझा ने कहा कि जो शासन प्रशासन पूर्व में इन स्ववित्तपोषित कालेजों के शिक्षकों कर्मचारियों का वेतन भुगतान संबंधित शासनादेशों एवं  आदेशों का पालन कराने में असमर्थ रहा है क्या इस आदेश का पालन करा सकेगा? क्या इस बुनियादी कार्य को करा पाने में अक्षम अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्यवाही हो पाएगी ? 


इसी प्रकार का वित्तविहीन शिक्षकों के वेतन भुगतान का आदेश, शिक्षामंत्री उत्तर प्रदेश डॉक्टर दिनेश शर्मा ने भी जारी किया है ,किंतु  शिक्षक समुदाय इनकी मंशा पर भरोसा करने के लिए तैयार नहीं है। स्ववित्तपोषित/वित्तविहीन महाविद्यालय शिक्षक एसोसिएशन के उपाध्यक्ष डॉक्टर विवेकानंद उपाध्याय ने कहा कि अपने ही आदेशों का पालन कराने में शासन ने अभी तक कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई है। उन्होंने कहा कि इंतजार करने और भरोसा करने की भी कोई हद होती है।


एसोसिएशन के डॉक्टर नंदलाल पाठक में कहा कि यदि स्ववित्तपोषित शिक्षकों कर्मचारियों का तत्काल वेतन भुगतान नहीं किया गया और सरकार अपने ही आदेशों का अनुपालन नहीं करा पाती है तो हम "लाक डाउन" के दौरान ही न्यायप्रिय नागरिकों के साथ सड़क पर उतरकर संघर्ष करने के लिए विवश होंगे। शिक्षक नेता प्रतिनिधियों ने अविलंब वेतन भुगतान करने का अनुरोध किया है।


सांकृत्यायन रवीश पाण्डेय